उत्तराखंड

कैलाश मानसरोवर यात्रा महंगी, अब प्रति यात्री खर्च 2.09 लाख रुपये

कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष महंगी हो गई है। यात्रा शुल्क में 35 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब प्रति यात्री कुल खर्च 2.09 लाख रुपये पहुंच गया है। पिछले वर्ष यह खर्च करीब 1.74 लाख रुपये था।

यात्रा शुल्क में वृद्धि का मुख्य कारण डॉलर की कीमत में बढ़ोतरी बताया गया है। इस कुल राशि में कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) को देय 65 हजार रुपये शामिल हैं, जो भारतीय क्षेत्र में यात्रा, आवास, भोजन और गाइड जैसी सुविधाओं के लिए लिया जाता है।

इसके अलावा तिब्बत क्षेत्र से जुड़े खर्च, जैसे वीजा और अन्य व्यवस्थाएं, अलग से देय होंगी, जिनमें लगभग 1400 डॉलर शामिल हैं। पिछले वर्ष केएमवीएन का शुल्क 57 हजार रुपये था, जिसे इस बार बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दिया गया है।

केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला के अनुसार, इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है और यात्रियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब 50-50 यात्रियों के 10 दल यात्रा पर जाएंगे।

इतिहास के अनुसार, यह यात्रा 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद शुरू हुई थी, लेकिन भारत-चीन युद्ध 1962 के दौरान इसे बंद कर दिया गया था। बाद में 1981 में यात्रा फिर शुरू हुई और 2019 तक जारी रही। कोविड-19 और भारत-चीन तनाव के कारण कुछ वर्षों तक बंद रहने के बाद 2025 में इसे दोबारा शुरू किया गया।

इस वर्ष भी यात्रा लिपुलेख दर्रा मार्ग से कराई जाएगी, जिसमें जागेश्वर और चितई जैसे धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल रहेगा।

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