उत्तराखंड

पार्किंग की कमी से बढ़ रहा सेब किसानों का खर्च

नौगांव (उत्तरकाशी): स्योरी फल पट्टी के सेब उत्पादकों ने पुरानी मटियाली में वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि हर साल सेब सीजन के दौरान बड़ी संख्या में वाहन यहां पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग की सुविधा न होने के कारण उन्हें अपने वाहन मुख्य लोडिंग स्थल से दूर खड़े करने पड़ते हैं।

ढुलान और भाड़े का बढ़ रहा खर्च

किसानों के अनुसार, वाहनों के दूर खड़े होने से सेब की पेटियों को लोडिंग स्थल से वाहन तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मजदूरी और ढुलान खर्च देना पड़ता है। इससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ रही है।

महत्वपूर्ण सेब ढुलान केंद्र है पुरानी मटियाली

सेब उत्पादक संजय रावत ने बताया कि पुरानी मटियाली क्षेत्र सेब उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। यह स्थान बिंगसी, मटियाली, नैणी, नौगांव, धारी, कोटियालगांव, सुनारा, किममी, मुंगरा और मुराड़ी सहित कई गांवों के सैकड़ों किसानों के लिए सेब ढुलान का मुख्य केंद्र है।

यातायात भी हो रहा प्रभावित

सेब सीजन शुरू होते ही क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। पार्किंग स्थल न होने के कारण वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज स्थानों पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

किसानों की मांग

किसानों का कहना है कि कई बार मजदूरों को सेब की पेटियां लंबी दूरी तक ढोनी पड़ती हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से पुरानी मटियाली में स्थायी पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग की है, ताकि सेब उत्पादकों और वाहन चालकों को राहत मिल सके।

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