रुद्रप्रयाग में विधायक निधि का 93.65 फीसदी बजट स्वीकृत, लेकिन आधे से भी कम काम पूरे

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के तहत विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, लेकिन योजनाओं की भौतिक प्रगति वित्तीय स्वीकृति की तुलना में काफी धीमी नजर आ रही है। पिछले पांच वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के अनुसार विधानसभा क्षेत्र को विधायक निधि के रूप में कुल 23.27 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए, जिसमें से 21.79 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है। यह उपलब्ध धनराशि का करीब 93.65 प्रतिशत है।
हालांकि, स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर उतारने की स्थिति देखें तो तस्वीर उतनी संतोषजनक नहीं है। कुल 685 स्वीकृत कार्यों में से केवल 311 कार्य ही पूरे हो पाए हैं। वहीं 189 कार्य अभी प्रगति पर हैं, जबकि 160 कार्य शुरू ही नहीं हुए हैं। इससे साफ है कि वित्तीय स्तर पर योजनाओं को मंजूरी देने की रफ्तार तेज है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की गति अपेक्षाकृत धीमी है।
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23.27 करोड़ में से 21.79 करोड़ के कार्य स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र को विधायक निधि के तहत कुल 23.27 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए। इसके सापेक्ष 21.79 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। अब तक कार्यदायी संस्थाओं को 16.43 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं।
विधायक निधि से स्वीकृत योजनाओं में स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं से लेकर गांवों में सड़क, पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। कई विद्यालयों में भवन निर्माण, शौचालय, फर्नीचर और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निधि का इस्तेमाल किया गया है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
ग्राम पंचायतों में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइट और मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी विधायक निधि से कराए गए हैं। इसके अलावा महिला मंगल दलों को भी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
685 कार्यों में सिर्फ 311 पूरे
विधायक निधि के तहत स्वीकृत कुल 685 कार्यों में से 311 कार्यों का पूरा होना विकास योजनाओं की धीमी भौतिक प्रगति को दर्शाता है। 189 कार्य अभी निर्माण या क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं, जबकि 160 कार्यों की शुरुआत नहीं हो सकी है।
इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जब उपलब्ध बजट का करीब 94 प्रतिशत हिस्सा विकास योजनाओं के लिए स्वीकृत किया जा चुका है, तो इतनी बड़ी संख्या में कार्य अब तक अधूरे या शुरू नहीं होने की स्थिति में क्यों हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी आंकड़ों में जितने विकास कार्य स्वीकृत बताए जा रहे हैं, उनमें से सभी का प्रभाव धरातल पर समान रूप से दिखाई नहीं देता। लोगों ने योजनाओं को समय पर पूरा कराने और स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है।
हर साल पूरी नहीं हो सकीं स्वीकृत योजनाएं
आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 116 कार्यों को स्वीकृति मिली थी, जिनमें से 91 कार्य पूरे हो गए। इस वर्ष भौतिक प्रगति अन्य वर्षों की तुलना में बेहतर रही।
वर्ष 2023-24 में कुल 153 कार्य स्वीकृत हुए, लेकिन इनमें से केवल 88 कार्य पूरे हो सके। इसी तरह 2024-25 में 169 स्वीकृत कार्यों में से 77 कार्य पूरे हुए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 122 कार्य स्वीकृत किए गए, जिनमें से 55 कार्य ही पूरे हो पाए। इससे पता चलता है कि हर साल स्वीकृत योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा अगले वर्षों में भी लंबित रहता गया।
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक एक भी काम पूरा नहीं
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के आंकड़े और भी महत्वपूर्ण हैं। इस वर्ष विधायक निधि के तहत 125 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन अब तक इनमें से एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।
इनमें 30 कार्य प्रगति पर बताए गए हैं, जबकि 72 कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं। शेष कार्यों की स्थिति भी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में है। चूंकि वित्तीय वर्ष अभी जारी है, इसलिए आने वाले महीनों में इन योजनाओं की भौतिक प्रगति बढ़ने की संभावना है।
वित्तीय वर्षवार बजट और अवमुक्त राशि
विधायक निधि के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में विधानसभा क्षेत्र को 3.67 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए और पूरी राशि के बराबर यानी 3.67 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 3.45 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त किए गए।
वर्ष 2023-24 में 4.89 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए, जबकि 4.36 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए।
वर्ष 2024-25 में उपलब्ध 4.90 करोड़ रुपये के मुकाबले पूरी राशि के कार्य स्वीकृत किए गए। इस दौरान 4.15 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए।
वर्ष 2025-26 में 4.66 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई और 3.60 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक उपलब्ध 4.90 करोड़ रुपये के मुकाबले 3.68 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के लिए फिलहाल 86.25 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
स्कूलों और गांवों में खर्च हो रही विधायक निधि
विधायक निधि से स्वीकृत योजनाओं में शिक्षा और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। कई विद्यालयों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, फर्नीचर और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं के लिए धनराशि खर्च की गई है।
गांवों में सड़क और पेयजल योजनाओं के साथ-साथ सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइट और मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
महिला मंगल दलों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी विधायक निधि का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों को सामुदायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलने का दावा किया गया है।
वित्तीय स्वीकृति और धरातलीय प्रगति के बीच अंतर
रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े बताते हैं कि विकास कार्यों के लिए बजट स्वीकृत करने के स्तर पर प्रगति काफी अच्छी है। उपलब्ध 23.27 करोड़ रुपये में से 21.79 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन दूसरी ओर, बड़ी संख्या में कार्यों का पूरा नहीं होना चिंता का विषय है।
कुल 685 कार्यों में केवल 311 के पूरा होने का अर्थ है कि आधे से भी कम कार्य अब तक पूर्ण हो सके हैं। करीब 189 योजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं और 160 योजनाओं की शुरुआत तक नहीं हुई है।
ऐसे में अब प्राथमिकता स्वीकृत योजनाओं को समय पर पूरा कराने की होनी चाहिए, ताकि विधायक निधि से जारी होने वाली राशि का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
विधायक ने गिनाईं विकास योजनाएं
रुद्रप्रयाग विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में विधानसभा क्षेत्र के लिए उपलब्ध 23.27 करोड़ रुपये में से करीब 21.80 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के तहत विद्यालयों में भवन, शौचालय, फर्नीचर और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइट और मंदिर सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए हैं। महिला मंगल दलों को भी विधायक निधि के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अब काम पूरा कराने पर होगी नजर
रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि की तस्वीर बताती है कि बजट स्वीकृति के मामले में सरकार और स्थानीय स्तर पर अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन कार्यों को धरातल पर पूरा कराने की चुनौती अभी बनी हुई है।
विशेष रूप से चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 125 कार्यों में से एक भी कार्य का पूरा न होना बताता है कि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की गति बढ़ाने की जरूरत है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित और निर्माणाधीन योजनाओं को कितनी तेजी से पूरा किया जाता है और स्वीकृत 21.79 करोड़ रुपये का वास्तविक लाभ क्षेत्र की जनता तक कब तक पहुंचता है।






