उत्तराखंड

12 साल बाद अंकित थपलियाल हत्याकांड में न्याय, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर

देहरादून ।  देहरादून  के बहुचर्चित अंकित थपलियाल हत्याकांड में 12 साल बाद एक अहम मोड़ आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी अकरम को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया, जिससे पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद कुछ राहत मिली है।

यह घटना सितंबर 2014 की है, जब नकरौंदा के बालावाला क्षेत्र में अकरम और उसके पांच साथियों ने लूट के इरादे से अंकित के घर में घुसकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। अंकित अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसने अपने माता-पिता व नानी की रक्षा करते हुए जान गंवाई।

अंकित के पिता सुरेंद्र थपलियाल, जो सहायक कृषि अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं, ने बेटे को न्याय दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने 2016 में सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई, लेकिन वहां से मामला नैनीताल हाईकोर्ट भेजे जाने के बाद वे निराश हो गए थे। वर्षों की इस पीड़ा और संघर्ष के बाद अब मुख्य आरोपी के मारे जाने से उन्हें कुछ सुकून मिला है।

अंकित की मां अंजनी का कहना है कि अभी भी पांच अन्य आरोपी बाकी हैं, जिन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सभी दोषियों को उनके अपराध की पूरी सजा नहीं मिलती, तब तक उन्हें पूरी शांति नहीं मिलेगी।

घटना के बाद भय के कारण परिवार अपनी बेटियों के पास बेंगलुरु, मुंबई और न्यूजीलैंड में रहने चला गया था। इस दर्दनाक हादसे की यादें आज भी उन्हें परेशान करती हैं। अब वे अपने घर में ऊपरी मंजिल पर रह रहे हैं, ताकि उस घटना की यादों से दूर रह सकें।

परिवार और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में अंकित की बहादुरी की याद में एक गेट का नामकरण उनके नाम पर किया जाए, ताकि उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखा जा सके।

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