उत्तराखंड

देहरादून कैंट सीट पर भाजपा में बढ़ी दावेदारी, नया चेहरा या कपूर परिवार पर भरोसा?

देहरादून।  देहरादून  की कैंट विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। वर्ष 1985 से इस सीट पर कपूर परिवार का प्रभाव बना हुआ है। पहले स्वर्गीय हरबंस कपूर लगातार चुनाव जीतते रहे और उनके निधन के बाद 2022 में भाजपा ने उनकी पत्नी सविता कपूर को उम्मीदवार बनाया। सविता कपूर ने भी बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पार्टी का दबदबा कायम रखा।

अब सविता कपूर की बढ़ती उम्र को देखते हुए भाजपा में नए दावेदार सक्रिय हो गए हैं। भाजपा प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं विनय गोयल, जोगेंद्र पुंडीर और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी टिकट की दौड़ में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटे हैं।

पार्टी के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा कपूर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए हरबंस कपूर के बेटे अमित कपूर पर भरोसा करेगी या फिर किसी नए चेहरे को मौका देगी।

2022 चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत

2022 विधानसभा चुनाव में कैंट सीट पर कुल 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ था। भाजपा उम्मीदवार सविता कपूर को 45,492 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 24,554 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा ने यह चुनाव भारी अंतर से जीता था।

सामाजिक समीकरण भी अहम

कैंट विधानसभा क्षेत्र में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का बड़ा प्रभाव है। गढ़ी कैंट, डाकरा और आसपास के इलाकों में गोरखा समुदाय की अच्छी संख्या है। इसके अलावा ब्राह्मण, ठाकुर, पंजाबी और व्यापारी वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुस्लिम मतदाता भी लगभग आठ प्रतिशत बताए जाते हैं। भाजपा पिछले कई दशकों से इन वर्गों का समर्थन बनाए रखने में सफल रही है।

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