उत्तराखंड में बिना मान्यता वाले मदरसों पर होगी कानूनी कार्रवाई, मंत्री खजान दास का बड़ा बयान

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि राज्य सरकार मदरसों की धार्मिक शिक्षा के खिलाफ नहीं है, लेकिन सभी मदरसों को निर्धारित नियमों के दायरे में आना होगा। सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। अब मदरसों को राज्य शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।
मंत्री के मुताबिक प्रदेश में करीब 452 मदरसे हैं, जिनमें से 200 से अधिक ने अभी तक मान्यता लेने से इनकार किया है। सरकार ऐसे संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
समय पर पेंशन देना सरकार की प्राथमिकता
खजान दास ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद पेंशन व्यवस्था को बेहतर करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार करीब 9 लाख 87 हजार पेंशनधारकों को हर महीने सात तारीख से पहले पेंशन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने इसे सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर कांग्रेस को घेरा
हल्द्वानी में रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले से खुद को अलग रखती है। उन्होंने कहा कि मैदान में एक संस्था की ओर से पूजा-पाठ कराया गया था, जिसमें दलित समाज के लोग भी शामिल थे।
खजान दास ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को चुनावी हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता पूरे मामले को समझ रही है और वोट के लिए अनुसूचित जाति समाज का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे पर भी बोले
हल्द्वानी मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत को लेकर खजान दास ने कहा कि राहुल गांधी ने हवन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही थी। इसके बाद संबंधित लोगों की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए प्राधिकरण
मदरसों की जांच को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि सरकार पहले से ही मदरसों की जांच कराती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक समुदाय में केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि सिख, ईसाई और बौद्ध समेत अन्य समुदाय भी शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है।
पेंशन की राशि बढ़ाने पर विचार
मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की ओर से आठ प्रकार की पेंशन दी जा रही हैं। विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन समेत विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद पेंशन में बढ़ोतरी की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि पेंशन के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है, ताकि अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।




