उत्तराखंड

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वन्यजीवों के लिए बना अंडरपास बना आकर्षण का केंद्र

देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुभारंभ के साथ ही इस परियोजना में बनाए गए वन्यजीव-अनुकूल अंडरपास सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। यह एक्सप्रेसवे विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।

करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे में जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए विशेष डिजाइन तैयार किया गया है। वन क्षेत्रों से गुजरने वाले इस मार्ग पर लगभग 12 किलोमीटर लंबे अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो।

परियोजना की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि एलिवेटेड सड़क को इस तरह डिजाइन किया गया कि पेड़ों की कटाई न्यूनतम हो। जहां पहले लगभग 45 हजार पेड़ कटने का अनुमान था, वहीं संशोधित योजना के तहत केवल 11,160 पेड़ों की कटाई की गई।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • कुल लंबाई: 213 किमी
  • 93 अंडरपास का निर्माण
  • 9 बड़े और 43 छोटे पुल
  • 10 विशेष वन्यजीव अंडरपास

इसके अलावा, इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की योजना है, जिससे पूर्वांचल तक आवागमन आसान होगा। साथ ही हरिद्वार को जोड़ने के लिए सहारनपुर बाईपास के पास करीब 50 किमी लंबा स्पर मार्ग भी तैयार किया जा रहा है, जिसका अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।

यह परियोजना दर्शाती है कि विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित तरीके से कैसे लागू किया जा सकता है।

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